ताकत के प्रकार और उसके विकास के तरीके।

 ताकत के प्रकार और उसके विकास के तरीके।

 ताकत की आम परिभाषा यह है, गतिरोधक के सम्मुख बल लगाने की क्षमता ताकत कहलाती है। तेज दौड़ने वाले के लिये ब्लॉक को चीरने के लिए जो ताकत चाहिए वह उससे है जो एक वेटलिफ्टर को 200 किलोग्रॅम बारवेल उठाने के लिए चाहिए। इससे पता चलता है कि शक्ती के कई प्रकार की होती है।

ताकत के प्रकार और उसके विकास के तरीके।


 ताकत के प्रकार निम्नलिखित प्रकार की होती है।

1 अधिकतम ताकत- एकल अधिकतम खिंचाव मे जो बडी से बडी ताकत संभव है।

 2 विस्फोटक ताकत - तेज खिंचाव के साथ प्रतिरोध को हटाने की क्षमता। 

3 सहनशक्ती की ताकत- बल को कई गुना बढाकर प्रदर्शन करने की क्षमता।


 मासपेशिया मजबूत कैसे बनती है।

ताकत के प्रकार और उसके विकास के तरीके।


मांसपेशि मजबूत बनाती है परंतु जब उसे सामान्य कार्य से अधिक काम मे लगाये तो वह बोझ से दब जाती है। तब बोझ बढ़ाया जाता है , जब हम बढाये -

 1 व्यायाम मे दोहराव की संख्या

2 व्यायाम मे सेट की संख्या

3 तीव्रता- घटा हुवा रिकवरी समय


ताकत का विकास

 1अधिकतम ताकत - वजन ट्रेनिंग से बढ़ाई जा सकती है।

2 विस्फोटक ताकत बढ़ती है।

1 अनुकूलित व्यायाम से।

 2 मेडिसिन बॉल से।

3 पल्योमिरिक व्यायाम से। 

4 वेट ट्रेनिंग से।


3 सहनशक्ति की ताकत बढाई जा सकती है- 

 - सर्कट ट्रेनिंग से।

- डंबबेल व्यायाम से।

- वेट ट्रेनिंग से।

- पहाडी पर दोडने से।

ताकत के प्रकार और उसके विकास के तरीके।


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